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आत्महत्या मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है और हर साल लगभग 800,000 लोग इसकी वजह से मरते हैं।

आत्महत्या-संबंधी व्यवहार के जोखिम को रोकने के लिए एक नए मॉडल का अविष्कार

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आत्महत्या-संबंधी व्यवहार के जोखिम को रोकने के लिए एक नए मॉडल का अविष्कार
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यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग स्कूल के शोधकर्ताओं ने एक नई खोज की है जिसकी मदद से अत्महत्या-संबंधी व्यवहार का कारण बनने वाले अवसादग्रस्त लक्षणों का पता लगा सकते हैं।

यह रिपोर्ट 27 फरवरी 2019 को JAMA साइकिएट्री में प्रकाशित हुई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, आत्महत्या मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है और हर साल लगभग 800,000 लोग इसकी वजह से मरते हैं।

यह अनुसंधान 663 युवा वयस्कों पर आयोजित किया गया था जिन्होंने उच्च जोखिम वाले अत्महत्या-संबंधी व्यवहार के लक्षण दिखाए। इन प्रतिभागियों के माता पिता मनोदशा विकार से पीड़ित थे।

मनोरोग के निदान के मानक आकलन और अवसाद, निराशा, चिड़चिड़ापन और आवेगी आक्रामकता के लक्षणों के माध्यम से 12 वर्षों की अवधि तक सभी प्रतिभागियों और उनके माता-पिता का मूल्यांकन किया गया।

शोध के अनुसार, ये सभी लक्षण अत्महत्या-संबंधी व्यवहार की उच्च परिवर्तनशीलता को दर्शाते हैं। शोधकर्ताओं ने उम्र, मनोदशा विकार, माता-पिता के द्वारा किये गए कभी आत्म्हत्या का प्रयास या खुद किये गए आत्महत्या के प्रयासों और बचपन में हुई कोई दुर्घटना के साथ अवसादग्रस्तता के लक्षणों में परिवर्तनशीलता के तत्वों को जोड़ा है।

टीम के शोधकर्ताओं ने एक नया तरीका विकसित किया है जो अत्महत्या-संबंधी व्यवहार के उच्च जोखिम वाले कारक पूर्वानुमान करता है, वे इसे प्रिडिक्टिव रिस्क स्कोर (PRS) कहते हैं। इस अनुसंधान के परिणाम के आधार पर यह सुझाव दिया गया था कि 3 या उससे अधिक का स्कोर अत्महत्या-संबंधी व्यवहार के उच्च जोखिम का संकेत है।

शोधकर्ताओं ने इस प्रिडिक्टिव परीक्षण के 87 प्रतिशत संवेदनशील होने का दावा किया है जो आज की मनोरोग चिकित्सा से बेहतर है।

वरिष्ठ लेखक नादीन मेलहेम, पिट्स स्कूल ऑफ मेडिसिन में मनोचिकित्सा के सह - प्राध्यापक और यूपीएमसी वेस्टर्न साइकिएट्री हॉस्पिटल के एक शोधकर्ता, ने कहा, "हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि मरीजों का इलाज करते समय, चिकित्सकों को अवसाद के वर्तमान और पिछले लक्षणों की गंभीरता पर विशेष ध्यान देना चाहिए और आत्महत्या के जोखिम को कम करने के लिए उनकी गंभीरता और उतार-चढ़ाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए।”

इसके अतिरिक्त, उसने कहा, "PRS उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों में आत्महत्या के जोखिम का पूर्वानुमान करने में मदद करने के लिए चिकित्सक के टूलकिट के लिए एक मूल्यवान वस्तु है, और यह कम कीमत पर किया जा सकता है क्योंकि आवश्यक जानकारी पहले से ही मानक मूल्यांकन के हिस्से के रूप में एकत्र की जा रही है।"

शोधकर्ताओं के अनुसार विभिन्न आयु समूहों पर मॉडल का स्वतंत्र रूप से परीक्षण किया जाना बाकी है। इसके अलावा, वस्तुपरक जैविक मार्करों के माध्यम से प्रेडिक्शन रिस्क स्कोर को अधिक सटीक बनाने के लिए अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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