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पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन को प्रेरित कर सकता है।

रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के दौरान जागते रहना हो सकता है स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

लेखक हर्षिता  •  
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रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के दौरान जागते रहना हो सकता है स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
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एक नए अध्ययन में पाया गया है कि रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के दौरान जागते रहने से रोगी का ठीक होने का समय आधा हो सकता है।

यह नया प्रयोग यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया सैन फ्रांसिस्को के एक तंत्रिका विज्ञानी प्रवीण मुम्मानेनी द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया गया था।

अब तक, 10 रोगियों का इलाज इस असाधारण रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन की इस नई पद्धति द्वारा किया गया है, जिसमें रोगी को ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया के दौरान जागते रहने के लिए कहा जाता है।

यह सर्जरी एक प्रक्रिया के माध्यम से आयोजित की जाती है जिसे ट्रांसफोर्मिनल लम्बर इंटरबॉडी फ्यूजन या TLIF कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरा करने में आमतौर पर 2-3 घंटे लगते हैं। रोगी को एक अलग प्रकार की सुन्न करने वाली दवा दी जाती है जिसे लिपोसमल ब्युपीवाकेन कहा जाता है। यह लंबे समय तक चलने वाला दवा है जो रोगी को 72 घंटों तक दर्द से राहत देने में सक्षम है।

लिपोसमल ब्युपीवाकेन को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा अनुमोदित किया गया है। रोगी इन 72 घंटों के बाद एक या दो सप्ताह तक मौखिक दर्द की दवा लेना जारी रख सकते हैं, लेकिन पारंपरिक रूप से इस ऑपरेशन को करने की तुलना में कुल दर्द बहुत कम हो जाता है।

नियमित संज्ञाहरण के साथ सर्जरी करने के लिए लगभग 4 घंटे लगते हैं और अस्पताल में 3-4 दिन रहना पड़ता हैं। इस ऑपरेशन के दौरान रोगी के जागने के कारण यह समय घटकर आधा हो गया है क्योंकि रोगी को अस्पताल से केवल 24 घंटे में ही छुट्टी मिल सकती है।

इस नए संज्ञाहरण के कारण, रोगियों में ऑपरेशन के बाद मतली और चित्तविभ्रम जैसे दुष्प्रभावों का जोखिम कम हो गया है। साथ ही, मरीजों को ऑपरेशन के दौरान वेंटिलेटर या श्वास नली पर रखने की आवश्यकता नहीं होती।

इस ऑपरेशन का संचालन करने के लिए पोस्टऑपरेटिव IV नारकोटिक्स पदार्थों की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, मरीज़ अपनी सामान्य दिनचर्या में जल्द ही वापस आ सकते हैं, जिसमें सभी मनोरंजक और अन्य कामों की गतिविधियाँ शामिल हैं, क्योंकि ऑपरेशन के बाद शरीर बहुत तेज़ी से ठीक होता है।

इस ऑपरेशन से गुज़रे एक मरीज़, डेविड बी. ने कहा, "सबसे पहले मैंने सोचा था कि 'क्या मैं वास्तव में इस सर्जरी के लिए जागते रहना चाहता हूं?' लेकिन वास्तव में, यह सुखद रूप से अनजान रहने जैसा था। मुझे कुछ भी पता नहीं था कि क्या हो रहा है। यह सोने के समान था।”

उन्होंने कहा, "मैं बहुत सारे ऑपरेशन करवा चूका हूँ। मेरे लिए ये नया नहीं है। मुझे अब बिल्कुल दर्द नहीं है। मुझे अस्पताल में कम समय लगा, इसका मेरे शरीर पर कम प्रभाव पड़ा, मैं बहुत तेज़ी से ठीक हुआ, और दर्द निवारक दवाओं का उपयोग करने की भी कम आवश्यकता पड़ी।"

डॉ. मुम्मानेनी ने कहा, “यह प्रक्रिया बाकियों की तुलना में नई है। इससे मेरा अभ्यास बदल रहा है कि मैं अपने मरीज़ों को उनके ऑपरेशन के ज़रिए बहुत जल्दी ठीक कर सकता हूँ।"

पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन को प्रेरित कर सकता है। इंडियन जर्नल ऑफ़ पेन द्वारा प्रकाशित लेख के अनुसार 2016 में लगभग 42% भारतीय आबादी पीठ दर्द से पीड़ित थी। इसमें से अधिकांश यानी 60.9% महिलाएं थीं।

उत्तरी अमेरिका, चीन, कैनेडा, ब्रिटेन, नाइजीरिया सहित दुनिया के अन्य देशों में, पीठ के निचले हिस्से में दर्द की व्यापकता क्रमशः 6.8%, 64%, 28.4%, 14%, 72.4% थी।

यह नए प्रकार का ऑपरेशन अब अधिक संख्या में लोगों द्वारा उपयोग किया जा सकता है, जिनमें सामान्य संज्ञाहरण को सहन करने वाले लोग शामिल हैं, जैसे कि बुजुर्ग रोगियों के साथ-साथ वे लोग भी जो पारंपरिक रीढ़ संबंधी एकीभवन या विसंपीडन सर्जरी से लाभान्वित होते हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि क्या मरीज जागते हुए ऑपरेशन से गुजर सकते हैं या नहीं, MRI और क्लिनिक नोट्स के माध्यम से उसकी समीक्षा की जाती है।

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