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प्रति दिन साढ़े तीन घंटे से अधिक टीवी देखने के कारण मनुष्य की मौखिक याददाश्त कम हो सकती है।

टेलीविजन बन सकता है वृद्ध लोगों में यादाश्त कम होने का कारण

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टेलीविजन बन सकता है वृद्ध लोगों में यादाश्त कम होने का कारण
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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा एक अध्ययन प्रकाशित किया गया है जिसमें यह बताया गया है कि प्रति दिन साढ़े तीन घंटे से अधिक टीवी देखने के कारण मनुष्य की मौखिक याददाश्त कम हो सकती है।

यह अध्ययन 50 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों की याददाश्त में गिरावट का विश्लेषण करने के लिए किया गया था और यह 28 फरवरी, 2019 को साइंटिफिक रिपोर्ट्स नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था।

इस अध्ययन के अंतर्गत शोधकर्ताओं द्वारा 50 वर्ष से अधिक उम्र के 3,662 वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया था। इस अध्ययन में यह पाया गया कि निर्धारित समय से अधिक टीवी देखने की वजह से आने वाले छह वर्षों में शब्दों और भाषा की स्मृति की शक्ति में कमी होने लगती है। यह परिणाम किसी अन्य व्यवहारिक, सामाजिक-आर्थिक और जीवन शैली जैसे कारणों पर निर्भर नहीं करते।

अध्ययन के दौरान, प्रतिभागियों से यह पूछा गया कि वर्ष 2008 से 2009 और 2014 से 2015 में उनके द्वारा टेलीविजन देखने में कितना समय व्यतीत किया गया था। इस विश्लेषण के दौरान, प्रतिभागियों को बहुत सी मौखिक स्मृति और प्रवाह परीक्षणों से गुजरना पड़ा था। ये सभी प्रतिभागी इंग्लिश लॉन्गिटुडिनल स्टडी ऑफ एजिंग (इएलएसऐ) के थे।

इस अध्ययन में, जो लोग प्रति दिन साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक टीवी देखते थे, उनमें मौखिक याददाश्त में औसतन 10 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। इसके अलावा, मौखिक स्मृति में 4 से 5 प्रतिशत की कमी उन प्रतिभागियों में पाई गई, जिन्होंने टेलीविजन देखने में प्रति दिन साढ़े तीन घंटे से कम समय बिताया।

डॉ डेज़ी फैंकोर्ट, इस अध्ययन के लेखकों में से एक है, इन्होनें कहा, "टेलीविजन देखने के व्यवहार के प्रभाव में अनुभूति पर एक दशक से अधिक समय से रुचि देखी गयी है, लेकिन इस साहित्य का अधिकांश भाग बच्चों पर केंद्रित रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “जीवन के दूसरे छोर पर टेलीविजन देखने के प्रभावों पर बहुत कम ध्यान दिया गया है, इसके बावजूद कि यह 25 वर्षों से परिकल्पित है कि अत्यधिक टेलीविजन देखने से मनोभ्रंश के विकास में योगदान हो सकता है।”

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं में से एक ने इस तथ्य का उल्लेख किया है कि टेलीविजन देखने के लाभ भी हैं। यह जागरूकता बढ़ाता है और यह अन्य शैक्षिक लाभों को पूरा करने के साथ-साथ दिमाग को विश्राम भी देता है। यह तनाव रोधक है इसलिए अन्य पूरक गतिविधियों के साथ संतुलित तरीके से टेलीविजन देखने का सुझाव दिया गया है।

हालांकि, निर्धारित समय से अधिक समय तक टेलीविजन देखने से लोगों की अन्य शारीरिक या मानसिक गतिविधियों में कमी हो जाती है। इस तरह की गतिविधियाँ मन और शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में मदद करती हैं। टेलीविजन पर समय बिताने के दौरान जो शारीरिक या मानसिक गतिविधियां रह जाती हैं उनमें किताबें पढ़ना, बाहर घूमना, ताजी हवा में सांस लेना और अन्य कई गतिविधियां शामिल हैं।

इस अध्ययन के निष्कर्ष संज्ञानात्मक गिरावट पर अलग-अलग प्रभाव डालने वाले विभिन्न प्रकार के टेलीविजन कार्यक्रमों से संबंधित शोध प्रश्न उत्पन्न करते हैं।

इस अध्ययन में पाए गए टीवी के खतरे और संज्ञानात्मक गिरावट के बीच कोई सीधा संबंध नहीं देखा गया है। फ़िलहाल शोधकर्ता टीवी के प्रभाव या वृद्ध वयस्कों की आदतों को देखने के लिए इस तरह के अधिक शोधों को करना चाहते हैं।

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